(गीतकार : अनवर फर्रुखाबादी) सब को मालूम है मैं शराबी नहींफिर भी कोई पिलाए तो मैं क्या करूँसिर्फ़ एक बार नज़रों से नज़रें मिलेंऔर क़सम टूट जाए तो मैं क्या […]
(गीतकार : अनवर फर्रुखाबादी) सब को मालूम है मैं शराबी नहींफिर भी कोई पिलाए तो मैं क्या करूँसिर्फ़ एक बार नज़रों से नज़रें मिलेंऔर क़सम टूट जाए तो मैं क्या […]
(गीतकार : निदा फ़ाज़ली) बे-नाम सा ये दर्द ठहर क्यूँ नहीं जाताजो बीत गया है वो गुजर क्यूँ नहीं जाताबे-नाम सा ये… सब कुछ तो है क्या ढूँढती रहती हैं […]
(गीतकार : जनाब ज़फर गोरखपुरी) और आहिस्ता कीजिये बातेंधड़कने कोई सुन रहा होगालफ्ज़ गिरने ना पाए होठों सेवक़्त के हाथ इनको चुन लेंगेकान रखते हैं ये दर-ओ-दीवारराज़ की सारी बात […]