(गीतकार : शाहिद कबीर) ग़म का ख़ज़ाना तेरा भी है मेरा भीये नज़राना तेरा भी है मेरा भी… अपने ग़म को गीत बना कर गा लेनाराग पुराना तेरा भी है […]
(गीतकार : शाहिद कबीर) ग़म का ख़ज़ाना तेरा भी है मेरा भीये नज़राना तेरा भी है मेरा भी… अपने ग़म को गीत बना कर गा लेनाराग पुराना तेरा भी है […]